यूँ प्यार के बयान, मेरे महबूब, मेरे दिल से ना माँग।
दीवाना तेरे इश्क़ की दरगाह का नमाज़ी है,
तेरे कटघरे में खड़ा मुजरिम नहीं।
Saturday, 8 April 2017
Subscribe to:
Comments (Atom)
यूँ प्यार के बयान, मेरे महबूब, मेरे दिल से ना माँग।
दीवाना तेरे इश्क़ की दरगाह का नमाज़ी है,
तेरे कटघरे में खड़ा मुजरिम नहीं।